प्रदर्शनी के दूसरे दिन अनुमंडल पदाधिकारी एवं संयुक्त कृषि निदेशक, संताल परगना प्रमंडल, दुमका द्वारा विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का किया गया अवलोकन
डॉ० सुप्रिया सिंह द्वारा किसानों को कृषि से संबंधित विभिन्न विषयों पर दी गई तकनीकी जानकारी
साहिबगंज(झारखंड)
दो दिवसीय जिला स्तरीय कृषि मेला-सह-फल एवं सब्जी प्रदर्शनी का शनिवार को सफल समापन हुआ ।कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा लगाए गए स्टॉल पर केचुआ खाद, नेडेप खाद, जीरो एनर्जी कूल चेंबर इकाई, एलोवेरा जेल निष्कर्षण आदि के मॉडल प्रदर्शित किया गया तथा इनके उपयोग की विस्तृत जानकारी किसानों को दी गई। इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक द्वारा मिट्टी की उर्वरक क्षमता बनाए रखने हेतु जैविक खेती अपनाने पर बल दिया गया तथा रासायनिक उर्वरकों के न्यूनतम उपयोग एवं गोबर खाद, कम्पोस्ट, जीवामृत आदि के अधिक प्रयोग की सलाह दी गई।
योजनाओं का दी गई विस्तार से जानकारी:
जिला कृषि पदाधिकारी प्रमोद एक्का द्वारा विभागीय योजनाओं, विशेषकर झारखंड राज्य मिलेट मिशन योजना एवं किसान समृद्धि योजना पर विस्तार से जानकारी दी गई तथा किसानों से अधिक-से-अधिक मिलेट की खेती अपनाने का आह्वान किया गया। साथ ही अनुदानित दर पर सोलर पंपसेट अधिष्ठापन पर भी चर्चा की गई। जिला उद्यान पदाधिकारी द्वारा उद्यान विभाग की विभिन्न योजनाओं की जानकारी किसानों को दी गई।
क्विज प्रतियोगिता का आयोजन:
द्वितीय सत्र में किसानों के बीच कृषि क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विभागों से संबंधित कुल 30 प्रश्न पूछे गए। सही उत्तर देने वाले किसानों को पुरस्कार स्वरूप कुदाल एवं नैनो डी०ए०पी० प्रदान किया गया। प्रतियोगिता में किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
किसानों को किया गया पुरस्कृत:
प्रदर्शनी में कुल 44 फसल समूहों के अंतर्गत 130 किसानों को पुरस्कृत किया गया। प्रथम पुरस्कार स्वरूप 44 किसानों को बड़ी स्टील बाल्टी, द्वितीय पुरस्कार स्वरूप 42 कुदाल, तथा तृतीय पुरस्कार स्वरूप 44 केन एवं हैंड स्प्रेयर वितरित किए गए। सभी विजेताओं को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाले पदाधिकारी हुए पुरस्कृत:
कृषि विभाग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन प्रखंड कृषि पदाधिकारी, तीन प्रखंड तकनीकी प्रबंधक एवं तीन सहायक तकनीकी प्रबंधक को पुरस्कृत किया गया। साथ ही जिले में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पाँच कृषक मित्रों को ₹5000 (पाँच हजार रुपये) की प्रोत्साहन राशि एवं मिल्टन वाटर बोतल देकर सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त डिजिटल क्रॉप सर्वे योजना अंतर्गत तीन सर्वश्रेष्ठ निजी सर्वेयर को भी सम्मानित किया गया।
किसानों के बीच प्रमाण-पत्रों का वितरण:
इस अवसर पर संयुक्त कृषि निदेशक, जिला कृषि पदाधिकारी एवं अन्य पदाधिकारियों द्वारा जिला उद्यान कार्यालय एवं कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा प्रशिक्षित महिला किसानों के बीच प्रमाण-पत्रों का वितरण किया गया।

आकर्षण का केंद्र रहा:
कृषि मेला के दूसरे दिन के विशेष कर हाइड्रोपोनिक्स, सोलर पंप, तसर सिल्क एवं उसके उत्पाद, प्राकृतिक कृषि मॉडल, केज कल्चर, ड्रोन तकनीक, आकांक्षा हाट एवं मशरूम की खेती आकर्षण का केंद्र रहा।
दी गई जागरूकता जानकारी:
इस दो दिवसीय कृषि मेला में हजारों किसानों ने भाग लिया तथा विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। किसानों ने उन्नत तकनीकों को अपनाकर खेती में प्रयोग करते हुए उत्पादन एवं आय बढ़ाने का संकल्प लिया। वहीं परिवहन विभाग द्वारा सड़क सुरक्षा अभियान के तहत “सीख से सुरक्षा – तकनीक से परिवर्तन” विषय पर जागरूकता जानकारी दी गई।








