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पाकुड़ जिले में दस मेधा डेयरी थोक दूध शीतकरण केंद्र किया जाएगा स्थापित:उपायुक्त

On: Thursday, December 4, 2025 2:00 AM
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पशुपालन आधारित समूहों को संगठित ढंग से किया जा रहा है विकसित

दुधारू पशु मेला और जिला स्तरीय गव्य प्रदर्शनी का आयोजन

पाकुड़ (झारखंड)

बुधवार को दुधारू पशु मेला तथा जिला स्तरीय गव्य प्रदर्शनी का आयोजन बाजार समिति परिसर में किया गया। कार्यक्रम की शुभारंभ उपायुक्त मनीष कुमार और सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर की। मेले में बड़ी संख्या में पशुपालक, किसान और लाभुक पहुँचे थे।

कार्यक्रम को प्रदर्शनी शैली में रखा गया

उपायुक्त ने कहा कि इस बार कार्यक्रम को प्रदर्शनी शैली में रखा गया है ,ताकि लाभुक अपनी पसंद के पशु का चयन कर सकें। उन्होंने बताया कि पशु की नस्ल, सेहत, देखभाल और उत्पादन क्षमता को देखने और समझने के बाद चयन करना इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है। विभिन्न विभागों के स्टॉल एक ही परिसर में लगाए जाने से योजनाओं की जानकारी लाभुकों को एक ही जगह उपलब्ध कराई गई। उपायुक्त श्री कुमार ने बताया कि जिले में पशुपालन आधारित समूहों को संगठित ढंग से विकसित किया जा रहा है। आमबागवानी, केला उत्पादन तथा ग्रामीण आजीविका से जुड़ी योजनाओं को भी इसी मॉडल पर बढ़ावा दिया जा रहा है।

जिले में दूध आपूर्ति व्यवस्था होगी मजबूत

इस दौरान उपायुक्त  श्री कुमार ने कहा कि जिले में दस मेधा डेयरी थोक दूध शीतकरण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं। जिससे दूध संग्रहण, गुणवत्ता और आपूर्ति प्रणाली मजबूत होगी। सदर अस्पताल परिसर में भी एक केंद्र का निर्माण अंतिम चरण में है, जिससे गर्भवती महिलाओं और बच्चों को शुद्ध दूध उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। उन्होंने पशुपालकों को नियमित टीकाकरण और वैज्ञानिक भोजन पद्धति अपनाने की सलाह दी।

अनुदान में विशेष विस्तार

इस क्रम में सांसद प्रतिनिधि श्याम यादव ने कहा कि गरीब, किसान और पशुपालकों के हित में राज्य सरकार की योजनाएँ प्रभावी साबित हो रही हैं। पशुधन वितरण योजना के अंतर्गत इस वर्ष अनुदान में विस्तार किया गया है। सामान्य वर्ग को पचास प्रतिशत अनुदान, अनुसूचित जनजाति तथा अनुसूचित परिवार को पचहत्तर प्रतिशत अनुदान, दिव्यांग जन को नब्बे प्रतिशत अनुदान और विधवा महिलाओं को नब्बे प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनी आधारित मॉडल में लाभुक अपनी पसंद के पशु का चयन कर रहे हैं, जो नई व्यवस्था है और सराहनीय प्रयास है।

परिसंपत्तियों का वितरण

मेले में उपायुक्त ने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत परिसंपत्तियों का वितरण किया। दो गाय योजना के तहत पच्चीस लाभुक, पाँच गाय योजना के तहत पाँच लाभुक, शूकर पालन योजना के छह लाभुक तथा मुर्गा पालन योजना के पाँच लाभुकों को परिसंपत्तियाँ वितरण की  गईं। कार्यक्रम में पशुपालन, गव्य विकास, मेधा डेयरी, कृषि, उद्यान, सहकारिता और मत्स्य विभाग द्वारा जानकारीपूर्ण स्टॉल लगाए गए थे।मेले में बड़ी संख्या में लाभुक, किसान, पशुपालक, विभागीय पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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