अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर नेत्रहीन एवं स्पैस्टिक दिव्यांग आवासीय विद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन
साहिबगंज(झारखंड)
अंतर्राष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस के अवसर पर बुधवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा), रांची के तत्वावधान में और प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार अखिल कुमार के मार्गदर्शन में एक विशेष और प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन नेत्रहीन एवं स्पैस्टिक दिव्यांग आवासीय विद्यालय में किया गया।
दिव्यांग होना कतई कमजोरी नहीं
कार्यक्रम में मुख्य रूप से उपस्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव विश्वनाथ भगत ने दिव्यांग बच्चों और उपस्थितजनों को संबोधित करते हुए कहा कि दिव्यांग होना कतई कमजोरी नहीं है, बल्कि यह एक अलग तरह की क्षमता और विशिष्टता है। श्री भगत ने अपने संबोधन में इस बात पर जोर दिया कि दिव्यांग व्यक्ति भी आम नागरिकों की तरह ही पूरी तरह सक्षम हैं। उन्हें स्वयं को किसी से कम नहीं आंकना चाहिए। क्योंकि वे भी समाज के हर दायित्व और जिम्मेदारी को उतनी ही मजबूती और सक्षमता से निभाने में सक्षम हैं, जितने कि कोई सामान्य नागरिक। उन्होंने समाज से आह्वान किया कि वह दिव्यांग व्यक्तियों को समान अवसर प्रदान करें ताकि वे अपनी क्षमताओं का पूरी तरह से उपयोग कर सकें और अपनी प्रतिभा को निखार सकें।
अद्भुत प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन
इस दौरान दिव्यांग बच्चों ने अपनी अद्भुत प्रतिभा और कौशल का प्रदर्शन किया। बच्चों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल-कूद और अन्य गतिविधियों में अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया। उनके प्रदर्शन ने प्राधिकार के सचिव श्री भगत व अन्य द्वारा बच्चों को पुरस्कार वितरण किया गया।
ये भी थे उपस्थित
कार्यक्रम में जिला जनसंपर्क पदाधिकारी संजय कुमार दास, चीफ लीगल एड डिफेंस काउंसिल अरविंद गोयल, जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी श्रीमती पूनम कुमारी व अन्य शामिल थे।








