
साहिबगंज(झारखंड)-राष्ट्रीय गौरव और एकता का अलख जगाने वाली कालातीत रचना राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पुरे होने के उपलक्ष्य पर शुक्रवार को मॉडल कॉलेज राजमहल में राष्ट्रीय सेवा योजना की दोनों इकाइयों के संयुक्त तत्वावधान में एक स्वर में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् का सामूहिक गायन का आयोजन किया गया। इस अवसर पर जंहा कॉलेज परिसर देश भक्ति के भावना से जाग उठा,वंही पूरा परिसर वंदे मातरम् की ध्वनी से गुंजायम हो उठा।
राष्ट्र गीत के इतिहास से कराया अवगत
कार्यक्रम की अध्यक्षता प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने की। उन्होंने अपने संबोधन में विद्यार्थियों को राष्ट्रीय गीत के इतिहास और महत्व से अवगत कराते हुए कहा कि वंदे मातरम् बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वार रचित केवल एक गीत नहीं, बल्कि यह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक है। यह गीत 07 नवंबर 1875 में लिखा गया था। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रीय गीत ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान देशवासियों के हृदय में जोश और आत्मबल का संचार किया और आज भी यह हमारी देशभक्ति की भावना को सशक्त बनाता है।
एकता और अखंडता का लिया संकल्प
इस अवसर पर कॉलेज के सभी शिक्षक, शिक्षकेतर कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे और उन्होंने पूरे सम्मान एवं उत्साह के साथ सामूहिक रूप से राष्ट्रगीत का गायन किया। कार्यक्रम के दौरान समस्त उपस्थित जनों ने देश की एकता, अखंडता और गौरव की रक्षा करने का संकल्प भी लिया।कार्यक्रम का संचालन एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ. रमज़ान अली एवं एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी डॉ अमित कुमार के संयुक्त निर्देशन में किया गया। अंत में प्राचार्य डॉ. रणजीत कुमार सिंह ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, अनुशासन और सामूहिकता की भावना को प्रोत्साहित करते हैं।








