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कुरीतियों को खत्म करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा-पूनम कुमारी

On: Monday, July 28, 2025 11:53 PM
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साहिबगंज(झारखंड ): बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन के संयुक्त तत्वावधान में प्रोविडेन्स स्कूल में एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी के निर्देशानुसार किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों को उनके अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण संबंधी विभिन्न पहलुओं के प्रति जागरूक  बनाना था। कार्यक्रम के दौरान गुड टच-बैड टच, बाल विवाह, बाल श्रम, बाल शोषण, पोक्सो एक्ट, नशा मुक्ति, स्पॉन्सरशिप, फोस्टर केयर, आफ्टर केयर, दत्तक ग्रहण, तथा किशोर न्याय अधिनियम आदि विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई।

कम उम्र में विवाह करना कानूनन अपराध

कार्यक्रम का नेतृत्व करते हुए जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पूनम कुमारी ने बच्चों को संबोधित करते हुए बताया कि हाल के दिनों में  जिले में बाल तस्करी से संबंधित घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। उन्होंने बाल विवाह, बाल मजदूरी एवं शोषण जैसे गंभीर मुद्दों पर चिंता जताते हुए कहा कि इन कुरीतियों को खत्म करने के लिए समाज के सभी वर्गों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने बाल विवाह की कानूनी परिभाषा स्पष्ट करते हुए बताया कि लड़कों के लिए 21 वर्ष एवं लड़कियों के लिए 18 वर्ष से कम उम्र में विवाह करना कानूनन अपराध है।

मदद लेने की सलाह दी

बाल संरक्षण पदाधिकारी ने बच्चों को चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 की जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई बच्चा किसी भी परिस्थिति में खुद को असुरक्षित महसूस करता है, चाहे वह ट्रेन में हो या कहीं और तो वह इस नंबर पर संपर्क कर सहायता प्राप्त कर सकता है। साथ ही, बच्चों को नजदीकी पुलिस स्टेशन, बाल कल्याण समिति या जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी से भी मदद लेने की सलाह दी गई।

महत्वपूर्ण जानकारियां की गईं साझा

कार्यक्रम में विशेष रूप से बालिकाओं के सशक्तिकरण पर जोर देते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनने तथा कठिन परिस्थितियों का डटकर सामना करने के लिए प्रेरित किया गया। पोक्सो एक्ट  से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की गईं। जिससे बच्चों को अपने अधिकारों और कानूनी सुरक्षा के बारे में स्पष्ट जानकारी मिल सके।

ये भी थे उपस्थित

इस अवसर पर संरक्षण पदाधिकारी (गैर संस्थागत देखरेख) चंदा कुमारी एवं शोभा कुमारी, बाल संरक्षण इकाई की कर्मी बिंदु कुमारी और मीना ओझा, चाइल्ड हेल्पलाइन के पर्यवेक्षक अवधेश कुमार, केस वर्कर संजीव कुमार सहित स्कूल के प्राचार्य, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं भी उपस्थित रहे। सभी ने इस पहल की सराहना करते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

रेलवे स्टेशन में भी बाल संरक्षण पर कोऑर्डिनेशन बैठक आयोजित

इधर रेलवे प्रशासन एवं बाल संरक्षण इकाइयों के संयुक्त प्रयास से रेलवे स्टेशन अधीक्षक कार्यालय में एक समन्वय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता रेलवे स्टेशन अधीक्षक राज हंस पाठक ने की। जिसमें जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी पुनम कुमारी, चाइल्ड हेल्पलाइन परियोजना समन्वयक, रेलवे चाइल्ड हेल्पलाइन (1098) के कर्मी, आरपीएफ तथा जीआरपी के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

बच्चों के शोषण की रोकथाम पर साझा रणनीति

बैठक का मुख्य उद्देश्य रेलवे स्टेशन परिसर में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना तथा बाल श्रम, बाल विवाह, बाल तस्करी और बच्चों के शोषण से संबंधित मामलों की रोकथाम के लिए साझा रणनीति तैयार करना था। चर्चा के दौरान यह सहमति बनी कि जोखिमग्रस्त अथवा भटके हुए बच्चों की समय पर पहचान और उन्हें त्वरित सहायता प्रदान करने की दिशा में समन्वित प्रयास जरूरी हैं। साथ ही, चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 के प्रचार-प्रसार को स्टेशन परिसर में प्राथमिकता दी जाएगी ,ताकि अधिक से अधिक लोग जागरूक होकर बच्चों की सहायता कर सकें। विभागीय समन्वय और सूचना साझाकरण की प्रक्रिया को भी अधिक प्रभावी बनाने पर बल दिया गया। बैठक के अंत में सभी प्रतिभागियों ने बाल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निरंतर प्रयास जारी रखने का संकल्प लिया।

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